स्पेशल स्टोरी

PM-CM भी नहीं बचेंगे! 30 दिन जेल में रहे तो जाएगी कुर्सी, JPC की ड्राफ्ट रिपोर्ट में 5 बड़ी सिफारिशें

संसद में 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा चल रही है, जिसके तहत यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री 30 दिन तक गंभीर अपराध में जेल में रहता है, तो उसका पद खुद खत्म हो जाएगा. संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में यह सिफारिश की है. सांसद या विधायक का दर्जा बना रहेगा, केवल कार्यकारी पद जाएगा.

Gaurav Dwivedi
July 12, 2026
3 min read
PM-CM भी नहीं बचेंगे! 30 दिन जेल में रहे तो जाएगी कुर्सी, JPC की ड्राफ्ट रिपोर्ट में 5 बड़ी सिफारिशें

संसद में एक नया कानून बनाने की तैयारी चल रही है. 130वें संविधान संशोधन विधेयक के लिए संयुक्त संसदीय समिति ने जांच के बाद अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है. इस विधेयक को सीएम, मंत्री की कुर्सी छीनने वाला विधेयक भी कहा जा रहा है. इस विधेयक के मुताबिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री अगर किसी मामले में गिरफ्तार होने के बाद 30 दिनों तक जेल में रहते हैं तो उन्हें अपने आप पद से हटाने का प्रावधान है. विपक्ष के विरोध के बाद इस बिल को

1. कब मंत्रियों को पद छोड़ना होगा अनिवार्य?

पहली सिफारिश में कहा गया कि अगर कोई केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, या दिल्ली/जम्मू-कश्मीर/पुडुचेरी का मंत्री गंभीर अपराध (जिसमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा हो सकती है) में गिरफ्तार होता है और लगातार 30 दिन तक जेल में रहता है, तो उसे अपना पद छोड़ना ही पड़ेगा. जेल में 30 दिन पूरा होने के अगले दिन यानी 31वें दिन तक प्रधानमंत्री (केंद्र के मंत्री के मामले में) या मुख्यमंत्री (राज्य के मंत्री के मामले में) को राष्ट्रपति या राज्यपाल को सलाह देनी होगी कि इस मंत्री को हटा दो. अगर पीएम और सीएम ये सलाह नहीं देते, तो 31वें दिन खुद-ब-खुद वह मंत्री अपने पद से हट गया माना जाएगा. संसदीय समिति ( JPC) को भेजा गया था. जेपीसी ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में 5 मुख्य सिफारिशें की हैं. जानते हैं इन सिफारिशों में क्या कहा गया है.

2.प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के लिए नया प्रावधान

अगर प्रधानमंत्री या कोई मुख्यमंत्री ऐसे मामले में, जिसमें 5 वर्ष या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है, लगातार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहता है, उन्हें 31वें दिन तक अपना इस्तीफा देना होगा. यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे खुद ही अपने पद से हटे हुए माने जाएंगे

3.सांसद और विधायक की सदस्यता बनी रहेगी

इस संशोधन के तहत सांसद या विधायक अयोग्य घोषित नहीं होंगे. उन्हें केवल कार्यपालिका के पद (प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री) से हटाया जाएगा. वे मौजूदा कानूनों, जैसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) के तहत अयोग्य घोषित किए जाने तक निर्वाचित जनप्रतिनिधि बने रहेंगे.

4. पुनर्नियुक्ति की अनुमति

न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद, संबंधित व्यक्ति को संवैधानिक प्रावधानों तथा नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी के निर्णय के अधीन प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री के रूप में फिर से नियुक्त किया जा सकता है.

5. समिति ने कुछ अनुच्छेदों में संशोधन का प्रस्ताव अपनी सिफारिश में किया है जिसमें-

अनुच्छेद 75 (केंद्रीय मंत्रिपरिषद) अनुच्छेद 164 (राज्य मंत्रिपरिषद) अनुच्छेद 239AA (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली) शामिल है. इसके अलावा जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 और केंद्र शासित प्रदेश शासन अधिनियम, 1963 (पुडुचेरी) मे भी संशोधन की सिफारिश की गई है.

समिति ने अपनी सिफारिशों में माना है कि यह संशोधन आपराधिक कानून या दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माने जाने के सिद्धांत में कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं करता. साथ ही ये सांसदों और विधायकों की अयोग्यता से संबंधित अनुच्छेद 102 और अनुच्छेद 191 को प्रभावित नहीं करता. समिति का मत है कि ये कानून संघीय ढांचे को भी प्रभावित नहीं करता, क्योंकि मंत्रियों को केवल प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की सलाह पर ही पद से हटाया जाएगा. अगर तय समय के भीतर ऐसी सलाह नहीं दी जाती है, तभी संबंधित मंत्री का पद खुद ही समाप्त माना जाएगा.

जेपीसी अपनी फाईनल रिपोर्ट अगले हफ्ते लोकसभा स्पीकर को सौंपेगी. जिसके, बाद संसद के मॉनसून सत्र में इस विधेयक को लाया जा सकता है.

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

उद्योगपति से मोदी सरकार के ‘ट्रबलशूटर’ तक… 6 विभाग संभाल चुके प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. RSS कार्यकर्ता से पांच बार के सांसद और मोदी सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाल चुके जोशी अब परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच नई जिम्मेदारी निभाएंगे. आइए उनके राजनीतिक सफर, संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक भूमिका की पूरी कहानी जानते हैं.

74KM लंबा, खर्च होंगे 4000 करोड़ और 56 गांवों से गुजरेगा… गंगा लिंक एक्सप्रेस-वे देगा नई रफ्तार!

दिल्ली-NCR, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली गंगा लिंक एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. 4,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए 78% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है. आइए जानते हैं गंगा लिंक एक्सप्रेस-वे के बारे में...

धर्मेंद्र प्रधान का हो इस्तीफा, विभाग बदलना मंजूर नहीं होगाः राहुल गांधी

राहुल गांधी ने छात्रों की तीन प्रमुख मांगों पर जोर दिया. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने, छात्रों को पीटने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की. राहुल गांधी ने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए उनके संघर्ष को अटूट बताया.

चार राज्यों में होगी फास्ट ट्रैक कोर्ट, रोज सुनवाई के बाद पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

पीएम मोदी की घोषणा के बाद सवाल उठा कि कितनी फास्ट ट्रैक कोर्ट होंगी और कहां-कहां होंगी. तो इसकी जानकारी भी सामने आ गई है. 4 राज्यों में इसका प्रस्ताव है, जहां रोज पेपर लीक मामले की सुनवाई होगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.