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चार राज्यों में होगी फास्ट ट्रैक कोर्ट, रोज सुनवाई के बाद पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

पीएम मोदी की घोषणा के बाद सवाल उठा कि कितनी फास्ट ट्रैक कोर्ट होंगी और कहां-कहां होंगी. तो इसकी जानकारी भी सामने आ गई है. 4 राज्यों में इसका प्रस्ताव है, जहां रोज पेपर लीक मामले की सुनवाई होगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.

Gaurav Dwivedi
July 23, 2026
2 min read
चार राज्यों में होगी फास्ट ट्रैक कोर्ट, रोज सुनवाई के बाद पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

पेपर लीक मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इसका ऐलान किया. छात्रों के आंदोलन के बीच पीएम मोदी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्हें कठोर सजा दी जाएगी. पीएम मोदी की घोषणा के बाद सवाल उठा कि देश में कितनी फास्ट ट्रैक होगी और ये कहां-कहां होंगी. तो इसकी जानकारी भी सामने आ गई है. चार राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव है, जहां पेपर लीक मामले की सुनवाई होगी.बॉन्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद और नागपुर बेंच, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, कलकत्ता और दिल्ली हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार के तहत प्राथमिकता के आधार पर फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का प्रस्ताव है.बता दें कि पेपर लीक रोकने और सजा देने के लिए The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act 2024 कानून सरकार ने बनाया था वो 21 जून 2024 से प्रभावी है. इस कानून के तहत पेपर लीक रोकने के लिए सजा कठोर की गई थी. इसके तहत UPSC, SSC, RRB, IBPS, Central Govt Ministries और NTA द्वारा आयोजित किए जाने वाली परीक्षाएं आती है. चूंकि NTA द्वारा आयोजित परीक्षाएं इस कानून के तहत आती हैं, इसलिए इन परीक्षाओं में अनुचित साधनों (अनुचित तरीकों) से जुड़े मामले भी इसके दायरे में आएंगे.

फास्ट ट्रैक बनने के बाद क्या होगा?

फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने के बाद स्पीडी ट्रायल होगा. रोज सुनवाई होगी. जल्दी सजा होगी. अभी हालिया नीट परीक्षा मे हुए पेपर लीक को लेकर सबसे ज्यादा केस जो दर्ज किए गए है वो बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर और औरंगाबाद बेंच और कोलकात्ता हाई कोर्ट के ज्यूरीडिक्शन में है. दिल्ली हाई कोर्ट के ज्यूरीडिक्शन में लाठीचार्ज को लेकर केस दर्ज हुए हैं. इस संबंध में राज्य सरकारों और हाई कोर्ट को केंद्र सरकार ने संदेश भेजा है और फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाकर रोज सुनवाई करने का संदेश दिया है.

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को शीघ्र और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने कहा, प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई त्वरित अदालतों में होगी. मुकदमों का शीघ्र निपटारा होगा और दोषियों को बिना अनावश्यक देरी के जल्द सजा मिलेगी.

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