देश-दुनिया

PM मोदी के जन्मदिन के मौके पर खून से खत… 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन

लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का 17वें दिन भी धरना जारी रहा. PM मोदी के जन्मदिन पर अभ्यर्थियों ने रक्तदान कर खून से PM, CM योगी और अमित शाह को पत्र लिखकर न्याय की मांग की.

Gaurav Dwivedi
September 17, 2026
3 min read
PM मोदी के जन्मदिन के मौके पर खून से खत… 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन

लखनऊ के ईको गार्डन में पिछले 17 दिनों से शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं. मामला है 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़ा विवाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने रक्तदान किया और उसी खून से प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा. इन पत्रों में प्रधानमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और न्याय दिलाने की मांग की गई है. अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह के नाम भी पत्र भेजे हैं.

दरअसल, इनकी मांग है कि 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले का समाधान किया जाए. अभ्यर्थियों का दावा है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से जो आदेश दिया गया है, उसका अनुपालन कराया जाए. इसी मांग को लेकर पिछले 17 दिनों से धरना चल रहा है. बारिश हो… गर्मी हो… या फिर लंबा इंतजार… अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर अनोखा प्रदर्शन

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है. अभ्यर्थियों ने इस दिन को अपने आंदोलन से जोड़ने का फैसला किया. पहले प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी… फिर चिकित्सकीय टीम की मौजूदगी में रक्तदान किया, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. इसी रक्त से प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा गया. अभ्यर्थियों का कहना है कि यह किसी को डराने या दबाव बनाने का तरीका नहीं, बल्कि अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रतीक है.

खून से लिखे खत में क्या मांग?

खून से लिखे गए इन पत्रों के जरिए अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. इनका कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराया जाए. साथ ही ओबीसी और दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग भी की गई है. अभ्यर्थियों ने सिर्फ प्रधानमंत्री के नाम पत्र नहीं लिखा. खून से लिखे गए पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री को भी भेजे गए हैं.

आखिर मामला इतना लंबा क्यों खिंचा?

यहां समझना जरूरी है कि 68,500 शिक्षक भर्ती का मामला नया नहीं है. इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले भी चयन, आरक्षण और अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं. अब मौजूदा आंदोलन में अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को आधार बनाकर सरकार से उसके अनुपालन की मांग कर रहे हैं. यानी अभ्यर्थियों का तर्क सीधा है कि जब आयोग का आदेश है तो उसका पालन कराया जाए.

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

देश को मिली पहली LNG ट्रेन, अहमदाबाद में अमित शाह ने महात्मा गांधी जिक्र करते हुए कहा 2030 तक जीरो होगी डीजल की खपत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के दौरे में रविवार को देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्हाेंने साबरमती रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में महात्मा गांधी का तारीफ करते हुए रेलवे आत्मनिर्भर बनने को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की। शाह ने कहा 2030 तक डीजल की खपत जीरो हो जाएगी।

ड्रग्स तस्करी के पैसों को क्रिप्टो में बदला…ED ने पांच आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

ईडी ने ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पांच और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. जांच में करीब 3.96 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का पता चला था.

निठारी केस: 16 मामलों में एक-एक कर कैसे बरी हो गया था सुरेंद्र कोली, मरने से 10 महीने पहले हुआ था पूरी तरह बेदाग

निठारी कांड का नाम एक बार फिर चर्चा में है. इस केस के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की मौत के बाद उसकी पूरी कानूनी कहानी सामने आ रही है. आइए, जानें इस मामले में कब, किस कोर्ट ने सुरेंद्र को क्या सजा सुनाई.

थमने का नाम नहीं ले रही हनुमान अंश, पार कर डाले 200 करोड़, लगातार 9वें दिन डबल डिजिट में हुई कमाई

हनुमान अंश ने सिनेमाघरों में काफी अच्छा कलेक्शन किया है. लगातार इसकी कमाई में इजाफा देखने को मिल रहा है. क्या वीकेंड और क्या वीकडेज, हनुमान अंश की छप्परफाड़ कमाई जारी है.