पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे के साथ धोखाधड़ी, पुलिस ने कहा दिल्ली के इतिहास में सबसे बड़ी ठगी
दिल्ली में ₹7.8 करोड़ का बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है. धोखेबाजों ने WhatsApp पर उनकी प्रोफाइल फोटो लगाकर कंपनी के CFO को RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर करने को कहा.

दिल्ली में एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है. यहां 78 साल के नरेश गुजराल के साथ धोखाधड़ी कर दी गई है. ये पूर्व सांसद और भारत के 12वें प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंद्रकुमार गुजराल के बेटे हैं. जिनके साथ एक बड़ा साइबर स्कैम हो गया है. पुलिस ने बताया कि यह धोखाधड़ी 12 जून से 16 जून 2026 के बीच हुआ है जिसमें सात करोड़ 80 लाख की ठगी की गई है. पुलिस ने जानकारी दी है कि फिलहाल इस बड़ी धन राशि में से लगभग 4 करोड़ रुपए को फ्रीज कर दिया गया है.
पुलिस ने बयान में कहा कि धोखेबाजों ने नरेश गुजराल की कंपनी को उसके फाइनेंशियल टीम के माध्यम से व्हाट्सएप पर निशाना बनाया. ठगों ने एक नकली अकाउंट का बनाया, जिसमें नरेश गुजराल की प्रोफाइल तस्वीर लगी थी, ताकि उनके रूप में धोखा दिया जा सके. पुलिस के मुताबिक, वह धोखाधड़ी संदेश नरेश के एक भरोसेमंद कर्मचारी को भेजा गया, मैसेज में कहा गया कि अकाउंट में RTGS (रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) के माध्यम से पैसा ट्रांसफर कर दिया जाए.
RTGS के माध्यम से मांगे गए पैसे
पुलिस ने बताया कि उस कर्मचारी को जिसे पैसों के मामलों में पहुंच थी, उसे इस बात का पता नहीं था कि यह मैसेज नरेश का नहीं है. पुलिस के पूछने पर कर्मचारी ने बताया कि बीते 4 से 5 दिनों के बीच RTGS के माध्यम से चार बार अलग-अलग पैसे भेजे गए जो हर बार करोड़ों में थे. पुलिस ने बताया कि पैसे के मामले में यह दिल्ली में सबसे बड़ी धोखाधड़ी का मामला है.
ट्रांसफर से पहले बैंक ने सीएफओं को किया था फोन
नरेश ने कहा कि बैंक ने मेरे चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) को फोन किया था, लेकिन सीएफओ को लगा कि मैंने निर्देश दे दिए हैं इसलिए उन्होंने बैंक से लेनदेन को क्लियर करने और पूरा करने के लिए कहा. पुलिस ने कहा है कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई कर इसमें शामिल ठगों को पकड़ लिया जाएगा.
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
Related Stories
उद्योगपति से मोदी सरकार के ‘ट्रबलशूटर’ तक… 6 विभाग संभाल चुके प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. RSS कार्यकर्ता से पांच बार के सांसद और मोदी सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाल चुके जोशी अब परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच नई जिम्मेदारी निभाएंगे. आइए उनके राजनीतिक सफर, संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक भूमिका की पूरी कहानी जानते हैं.
74KM लंबा, खर्च होंगे 4000 करोड़ और 56 गांवों से गुजरेगा… गंगा लिंक एक्सप्रेस-वे देगा नई रफ्तार!
दिल्ली-NCR, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली गंगा लिंक एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. 4,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए 78% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है. आइए जानते हैं गंगा लिंक एक्सप्रेस-वे के बारे में...
धर्मेंद्र प्रधान का हो इस्तीफा, विभाग बदलना मंजूर नहीं होगाः राहुल गांधी
राहुल गांधी ने छात्रों की तीन प्रमुख मांगों पर जोर दिया. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने, छात्रों को पीटने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की. राहुल गांधी ने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए उनके संघर्ष को अटूट बताया.
चार राज्यों में होगी फास्ट ट्रैक कोर्ट, रोज सुनवाई के बाद पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
पीएम मोदी की घोषणा के बाद सवाल उठा कि कितनी फास्ट ट्रैक कोर्ट होंगी और कहां-कहां होंगी. तो इसकी जानकारी भी सामने आ गई है. 4 राज्यों में इसका प्रस्ताव है, जहां रोज पेपर लीक मामले की सुनवाई होगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.
