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टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा का पहला बयान, समर्थकों से बोले- पार्टी के फैसले का सम्मान करें, हिंसा न करें

दतिया उपचुनाव में टिकट न मिलने पर हुए प्रद्रशन के बाद भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के हिंसक प्रदर्शन से बचने और पार्टी के फैसले का सम्मान करने को कहा. इससे पहले उनके समर्थकों ने विरोध में राजमार्ग जाम कर दिया था, जिससे 8 पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

Gaurav Dwivedi
July 11, 2026
3 min read
टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा का पहला बयान, समर्थकों से बोले- पार्टी के फैसले का सम्मान करें, हिंसा न करें

मध्य प्रदेश के दतिया बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन न करने की अपील की है. भाजपा ने उन्हें दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिया है. पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी के फैसले का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि पेट्रोल या केरोसिन डालकर विरोध न करें. उन्होंने कहा कि मतभेद पार्टी के अंदर उचित तरीके से ही जाहिर किए जाने चाहिए. उनकी ये अपील इसलिए आई क्योंकि उनके समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन में 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और हाईवे पर 11 घंटे तक जाम रहा था.दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि जाम शुक्रवार शाम को शुरू हुआ और शनिवार सुबह करीब 5 बजे तक जारी रहा, जिससे 20-25 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और दतिया, झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर जिले प्रभावित हुए. उन्होंने बताया कि ट्रैफिक जाम सुबह 5 बजे तक बना रहा, यानी लगभग ग्यारह घंटे तक कई बसें और एम्बुलेंस जाम में फंसी रहीं.

प्रशासन ने पूरी रात कोशिश की

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने पूरी रात प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से जाम हटाने के लिए मनाने की कोशिश की. हालांकि, जब बातचीत फेल रही, तो प्रदर्शनकारियों ने तौर पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. वानखेड़े के अनुसार, बाद में प्रदर्शनकारी एक ऑफिस बिल्डिंग में घुस गए और अंदर से पुलिसकर्मियों पर पथराव करते रहे.

वानखेड़े के मुताबिक, बाद में प्रदर्शनकारी एक ऑफिस बिल्डिंग में घुस गए और अंदर से पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकते रहे. उन्होंने बताया कि SDPO, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) और एडिशनल SP समेत आठ पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए. हेलमेट पहनने के बावजूद वानखेड़े के सिर में भी चोट लगी. हिंसा के दौरान पुलिस की कई गाड़ियों और ट्रकों को नुकसान पहुंचा.

शहर में सामान्य स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की

वानखेड़े ने कहा कि प्रशासन ने लाठीचार्ज करने के बजाय भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बातचीत और आंसू गैस का सहारा लिया. दतिया के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस मयूर खंडेलवाल ने बताया कि 3,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम करके और बाजार बंद करवाकर शहर में सामान्य स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की.

उन्होंने कहा, “कलेक्टर और मैंने उनसे बार-बार यहां से जाने और ‘चक्का जाम’ खत्म करने के लिए कहा. सुबह करीब 4 बजे, उन्होंने अचानक पुलिस पर पत्थर फेंके. पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद पत्थरबाजी और तेज हो गई.”

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