देश-दुनिया

क्या है AI मिसयूज बिल, जिसमें 3 साल की जेल और 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान, लोकसभा में होगा पेश

भारत में AI से बनी डीपफेक तस्वीरों से लोगों की सुरक्षा के लिए एक विशेष कानून बनाया जा सकता है. इसे 'द प्रोटेक्शन ऑफ पर्सनैलिटी लाइकनेस फ्रॉम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिसयूज बिल 2026' नाम दिया गया है.

Gaurav Dwivedi
August 12, 2026
3 min read
क्या है AI मिसयूज बिल, जिसमें 3 साल की जेल और 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान, लोकसभा में होगा पेश

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डीपफेक पर लगाम लगाने को लेकर एक विशेष कानून बनाया जा सकता है. बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा ने लोकसभा में ‘द प्रोटेक्शन ऑफ पर्सनैलिटी लाइकनेस फ्रॉम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिसयूज बिल 2026’ का प्रस्ताव रखा है, जिसे लोकसभा में पेश किए जाने की सूची में शामिल किया गया है. इस कानून का मकसद लोगों की पहचान, प्रतिष्ठा और गरिमा को AI के जरिए होने वाले गलत इस्तेमाल से बचाना है.दरअसल, इस बिल में AI की मदद से किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज, शारीरिक बनावट या अन्य पहचान की वास्तविक जैसी नकल को ‘AI-जनरेटेड इमीटेशन’ के तौर पर परिभाषित किया गया है. बिल में कहा गया है कि किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी AI-जनरेटेड फोटो या वीडियो तैयार करना, उसे पब्लिश करना, सर्कुलेट करना या उपलब्ध कराना प्रतिबंधित होगा. इसके अलावा ऐसे कंटेंट पर भी रोक रहेगी, जिससे लोगों को यह गलतफहमी हो कि व्यक्ति ने कोई बयान दिया, किसी काम का समर्थन किया या किसी तरह की गतिविधि में हिस्सा लिया, जबकि असल में ऐसा कुछ हुआ ही न हो.

इस प्रस्तावित कानून के तहत अगर किसी व्यक्ति की लाइकनेस का AI के जरिए इस्तेमाल कानून के दायरे में आता है, तो यह साफ करना होगा कि कंटेंट AI-जनरेटेड है. इसका उद्देश्य लोगों को भ्रमित होने से बचाना है. हालांकि अगर किसी मामले में AI-जनरेटेड नकल के इस्तेमाल को लेकर विवाद होता है, तो वैध सहमति होने का सबूत उस व्यक्ति या संस्था को देना होगा, जिसने वह कंटेंट बनाया, प्रकाशित या सर्कुलेट किया है.

मौत के बाद भी 10 साल तक सुरक्षा

इस बिल में मरे हुए व्यक्ति की पर्सनैलिटी लाइकनेस को भी सुरक्षा देने का प्रस्ताव है. इसके तहत व्यक्ति की मौत के बाद 10 साल तक उसकी लाइकनेस के इस्तेमाल पर कानून लागू रहेगा, लेकिन अगर कोई उसका इस्तेमाल करना चाहता है, तो उसे उसके कानूनी उत्तराधिकारियों से सहमति लेनी होगी.

न्यूज रिपोर्टिंग और व्यंग्य की छूट

हालांकि इस कानून में न्यूज रिपोर्टिंग, सार्वजनिक मामलों और जनहित से जुड़े तथ्यों पर आधारित इस्तेमाल की छूट दी गई है, लेकिन शर्त ये है कि उसमें लोगों को गुमराह करने वाले AI-जनरेटेड कंटेंट का इस्तेमाल न किया गया हो. इसके अलावा पैरोडी, व्यंग्य और कैरिकेचर को भी कुछ शर्तों के साथ कानून के दायरे से बाहर रखा गया है.

प्लेटफॉर्म को 24 घंटे में हटाना होगा कंटेंट

इस बिल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी भी तय की गई है. अगर कोई AI-जनरेटेड कंटेंट के इस्तेमाल से गुमराह करने की कोशिश करता है, तो उसे AI कंटेंट का नोटिस मिलने के बाद उसे 24 घंटे के भीतर प्लेटफॉर्म से हटाना होगा. यौन शोषण से जुड़े मामलों में यह समय-सीमा 12 घंटे तय की गई है.

दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की सजा

बिल में गंभीर मामलों के लिए सजा का भी प्रावधान है. किसी व्यक्ति का बिना उसकी अनुमति के AI-जनरेटेड कंटेंट बनाने और जानबूझकर उसके प्रचार-प्रसार पर तीन साल तक की जेल, 10 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. अश्लील AI कंटेंट पर भी यही नियम लागू होगा.

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

देश को मिली पहली LNG ट्रेन, अहमदाबाद में अमित शाह ने महात्मा गांधी जिक्र करते हुए कहा 2030 तक जीरो होगी डीजल की खपत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के दौरे में रविवार को देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्हाेंने साबरमती रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में महात्मा गांधी का तारीफ करते हुए रेलवे आत्मनिर्भर बनने को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की। शाह ने कहा 2030 तक डीजल की खपत जीरो हो जाएगी।

ड्रग्स तस्करी के पैसों को क्रिप्टो में बदला…ED ने पांच आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

ईडी ने ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पांच और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. जांच में करीब 3.96 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का पता चला था.

निठारी केस: 16 मामलों में एक-एक कर कैसे बरी हो गया था सुरेंद्र कोली, मरने से 10 महीने पहले हुआ था पूरी तरह बेदाग

निठारी कांड का नाम एक बार फिर चर्चा में है. इस केस के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की मौत के बाद उसकी पूरी कानूनी कहानी सामने आ रही है. आइए, जानें इस मामले में कब, किस कोर्ट ने सुरेंद्र को क्या सजा सुनाई.

PM मोदी के जन्मदिन के मौके पर खून से खत… 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन

लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का 17वें दिन भी धरना जारी रहा. PM मोदी के जन्मदिन पर अभ्यर्थियों ने रक्तदान कर खून से PM, CM योगी और अमित शाह को पत्र लिखकर न्याय की मांग की.