खुल गया बाबा महाकाल का शाही खजाना! 1 साल में हुई इतने करोड़ की बंपर आय, पिछले सारे रिकॉर्ड टूटे
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के आंकड़ों के अनुसार, महाकाल लोक बनने के बाद मंदिर की आय में भारी वृद्धि हुई है. बाबा महाकाल के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया और यूनाइटेड बैंक में 472 करोड़ रुपये की एफडी, 90 एकड़ बेशकीमती जमीन (कीमत 90 करोड़) और 16 करोड़ रुपये कैश जमा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर की आय बढ़कर 142 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 107 करोड़ थी. वर्तमान में मंदिर की बेहतर व्यवस्थाओं पर प्रति माह 11 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं.

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रतिदिन सुबह 4 बजे भस्म रमाकर भक्तों को दर्शन देने वाले बाबा महाकाल के दरबार से एक बड़ी खबर सामने आई है. श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा मंदिर की संपत्ति और सालाना आय के आंकड़े सार्वजनिक किए गए हैं, जो हैरान करने वाले हैं. आंकड़ों के अनुसार, बाबा महाकाल के पास वर्तमान में 472 करोड़ रुपये की फिक्स डिपॉजिट (FD) है, जबकि 90 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन और 16 करोड़ रुपये की नकद राशि बैंकों में जमा है. साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘महाकाल लोक’ के भव्य लोकार्पण के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जिसने मंदिर के खजाने को भी कई गुना बढ़ा दिया है.
प्रबंध समिति द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, महाकालेश्वर मंदिर समिति के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया और यूनाइटेड बैंक में लगभग 472 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि फिक्स डिपॉजिट के रूप में सुरक्षित है, जिससे मंदिर को हर साल मोटा ब्याज मिलता है. बाबा महाकाल के नाम पर उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 90 एकड़ बेशकीमती जमीन मौजूद है, जिसकी वर्तमान अनुमानित बाजार कीमत करीब 90 करोड़ रुपये आंकी गई है. मंदिर के रोजमर्रा के खर्चों और खातों को मिलाकर विभिन्न बैंकों में लगभग 16 करोड़ रुपये की नकद राशि (नगद बैलेंस) जमा है.
साल 2022 में ‘श्री महाकाल लोक’ कॉरिडोर बनने के बाद से उज्जैन में धार्मिक पर्यटन का एक नया इतिहास रचा गया है. देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु मंदिर में ऑनलाइन (UPI/Net Banking), नकद, मनी ऑर्डर के अलावा भारी मात्रा में सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं दान करते हैं. वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि में महाकालेश्वर मंदिर को कुल 142 करोड़ रुपये की बंपर आय हुई है. अगर इसकी तुलना पिछले साल से करें, तो वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा लगभग 107 करोड़ रुपये था. यानी महज एक साल में बाबा के खजाने में करीब 35 करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है.
लड्डू प्रसादी भी बनी मंदिर की आय का बड़ा जरिया
बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले करोड़ों श्रद्धालु अपने साथ उज्जैन की प्रसिद्ध शुद्ध घी की ‘लड्डू प्रसादी’ ले जाना नहीं भूलते. मंदिर समिति द्वारा बेहद रियायती और उच्च गुणवत्ता पर तैयार की जाने वाली लड्डू प्रसादी की बिक्री में पिछले दो सालों में जबरदस्त उछाल आया है. श्रद्धालु बड़ी संख्या में इसकी खरीदारी कर रहे हैं, जिसके चलते लड्डू प्रसादी काउंटर भी मंदिर की कुल आय को बढ़ाने में एक मुख्य और महत्वपूर्ण सहायक साबित हो रहे हैं.
लड्डू प्रसादी भी बनी मंदिर की आय का बड़ा जरिया
बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले करोड़ों श्रद्धालु अपने साथ उज्जैन की प्रसिद्ध शुद्ध घी की ‘लड्डू प्रसादी’ ले जाना नहीं भूलते. मंदिर समिति द्वारा बेहद रियायती और उच्च गुणवत्ता पर तैयार की जाने वाली लड्डू प्रसादी की बिक्री में पिछले दो सालों में जबरदस्त उछाल आया है. श्रद्धालु बड़ी संख्या में इसकी खरीदारी कर रहे हैं, जिसके चलते लड्डू प्रसादी काउंटर भी मंदिर की कुल आय को बढ़ाने में एक मुख्य और महत्वपूर्ण सहायक साबित हो रहे हैं.
आय के साथ बढ़ा खर्च, व्यवस्थाओं पर हर महीने 11 करोड़ रुपये
खजाने में बढ़ोतरी के साथ-साथ महाकाल मंदिर की सुरक्षा, स्वच्छता और दर्शन व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए खर्चे भी बढ़े हैं. पूर्व में कम कर्मचारी होने की वजह से मंदिर का मासिक खर्च काफी सीमित था, लेकिन अब प्रतिदिन उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने, वीआईपी सुरक्षा, महाकाल लोक की देखभाल और अत्याधुनिक सुविधाओं के संचालन में मंदिर समिति हर महीने लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. भक्तों का अगाध विश्वास और प्रतिदिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या यह साफ दर्शाती है कि आने वाले समय में अवंतिका नगरी के राजा बाबा महाकाल के वैभव और संपत्ति में और भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा.
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