बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, कैंसर का चल रहा था इलाज
बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है. वो कैंसर से पीड़ित थे, जिसका इलाज चल रहा था. मौजूदा समय में वो बसपा के इकलौते विधायक थे.

बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है. वो कैंसर से पीड़ित थे, जिसका इलाज चल रहा था. उमाशंकर बलिया जिले के रसड़ा तहसील के खनवर गांव के रहने वाले थे और मौजूदा समय में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक थे.बसपा सुप्रीमो मायावती ने सिंह के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने एक पोस्ट में कहा, पार्टी के कर्मठ, ईमानदार और पूरी तरह से वफादार विधायक उमाशंकर सिंह की आज शाम लंबी बीमारी की वजह से इलाज के दौरान देहांत हो जाने की ख़बर अति-दुखद. उनके परिवार और उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना.इसी पोस्ट में मायावती आगे लिखती हैं, पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है. उनका पूरा परिवार बीएसपी परिवार की तरह है और उनके परिवार के सभी लोग मुझे बड़ी बहन की तरह ही पूरा आदर-सम्मान देते हैं. उनके बेटे से लगातार संपर्क बने रहने के दौरान ही आज शाम उनके देहांत की ख़बर उनके बेटे से ही मिली. इस दुख की घड़ी में मैं और पूरी पार्टी परिवार के साथ है. उन्हें किसी भी प्रकार से हिम्मत नहीं हारना है. इस परिस्थिति का सामना करते हुये आगे बढ़ना है.
2012, 2017 और फिर 2022 में चुने गए विधायक
बता दें कि उमाशंकर ने तीन बार विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. पहली बार बसपा की टिकट पर 2012 में फिर 2017 में मायावती ने उन पर भरोसा जताया. बीजेपी की लहर होने के बावजूद उमाशंकर ने जीत दर्ज की. इसके बाद 2022 में भी बीएसपी के ही टिकट पर चुनाव जीतकर वह विधानसभा पहुंचे.
एडवोकेट सुभाष चंद्र सिंह ने 18 दिसंबर 2013 को शपथ पत्र देकर उमाशंकर के खिलाफ लोकायुक्त संगठन में शिकायत की थी. आरोप लगाया था कि उमाशंकर विधायक होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग से सरकारी ठेके लेकर सड़क निर्माण का कार्यकर रहे थे.मामले की जांच तत्कालीन लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने की.
जांच में उमा शंकर दोषी पाए गए. फिर 2015 में उमाशंकर की विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया. उमाशंकर इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे. साल 2016 में हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को प्रकरण में खुद जांच कर राज्यपाल को अवगत कराने का आदेश दिया. इसके साथ ही 14 जनवरी 2017 को उनकी विधायकी खत्म कर दी गई.
छात्र राजनीति में नाकाम रहे पर ठेकेदारी में बड़ा नाम
उमाशंकर सिंह की शुरुआती शिक्षा बलिया में ही हुई. कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति में आए. हालांकि, तब ज्यादा कामयाबी नहीं मिली. इसके बाद ठेकेदारी में उतरे और उन्हें कामयाबी मिली. इससे उन्होंने अकूत दौलत बनाई. इस बीचजिला पंचायत चुनाव लड़े और जीते भी.ठेकेदारी से पैसा बनाने के बाद उमाशंकर ने कई अन्य क्षेत्रों में भी किस्मत आजमाई.
उन्होंने छात्र शक्ति कन्स्ट्रक्शन्स नाम की कंपनी भी बनाई. उनकी कंपनी सड़क निर्माण का काम करती है. माइनिंग सेक्टर में भी उमाशंकर की कंपनी काम करती है. यही नहीं उन्होंने स्कूल और होटल इंडस्ट्री में भी अपना कारोबार बढ़ाया. उमाशंकर की पत्नी पुष्पा सीएस इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं.
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