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आकाश के बाद दीपिका पर भी मायावती का U-Turn, अब भतीजी को भी नहीं देंगी BSP में जिम्मेदारी; ईशान आनंद को फिर आगे करेंगी

बसपा प्रमुख मायावती ने दीपिका आनंद को भी पार्टी में कोई जिम्मेदारी न देने का फैसला किया है। अब उनके छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

Gaurav Dwivedi
September 20, 2026
4 min read
आकाश के बाद दीपिका पर भी मायावती का U-Turn, अब भतीजी को भी नहीं देंगी BSP में जिम्मेदारी; ईशान आनंद को फिर आगे करेंगी

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। मायावती ने साफ किया है कि उनके भाई आनंद कुमार की बेटी कुमारी दीपिका आनंद को भी पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की बात कही है।

परिवार को लेकर मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने अपने ताजा पोस्ट में कहा कि राजनीति में सफल होने और समाज के लिए काम करने के लिए अपने भाई-बहनों और नजदीकी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठकर ईमानदारी और निष्ठा से काम करना जरूरी है।

उन्होंने BSP के संस्थापक कांशीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति में आने के बाद अपने नजदीकी रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से हमेशा दूर रखा और उन्हें केवल पार्टी संगठन में निःस्वार्थ भावना से काम करने की अनुमति दी।मायावती ने कहा कि उन्होंने भी कांशीराम के पदचिह्नों पर चलने का फैसला किया और अपनी पूरी जिंदगी बहुजन समाज के लिए समर्पित कर दी।

आकाश आनंद को लेकर फिर बोलीं मायावती

मायावती ने अपने पोस्ट में अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आनंद कुमार के विशेष आग्रह पर उन्होंने आकाश आनंद को राजनीति में आगे किया था। हालांकि, मायावती के मुताबिक शादी के बाद आकाश आनंद के रवैये और गतिविधियों में बदलाव आया। इसी वजह से उन्हें कुछ दिन पहले पार्टी से अलग करना पड़ा।

मायावती ने आरोप लगाया कि आकाश आनंद अब अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल करना पार्टी के लिए विश्वासघात होगा।

अब दीपिका आनंद को भी जिम्मेदारी नहीं

मायावती ने स्पष्ट किया कि पहले उनके सामने यह सवाल था कि आनंद कुमार के परिवार से किसे पार्टी में आगे किया जाए। उन्होंने कहा कि काफी विचार करने के बाद अब उन्होंने फैसला किया है कि आकाश आनंद की तरह उनकी बहन दीपिका आनंद को भी पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

मायावती ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि शादी के बाद दीपिका भी आकाश आनंद की तरह ससुराल पक्ष के प्रभाव में आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना को ध्यान में रखते हुए पार्टी हित में दीपिका को जिम्मेदारी से दूर रखना उचित होगा।

ईशान आनंद को फिर मिलेगा मौका

दीपिका और आकाश आनंद को जिम्मेदारी से दूर रखने के बाद मायावती ने अब आनंद कुमार के परिवार से केवल ईशान आनंद को आगे बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि, इसी के साथ मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य को लेकर कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता।

मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा कि अभी तक ऐसा ही लग रहा है, लेकिन आगे क्या होगा, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।

ईशान को भी चेतावनी

मायावती ने ईशान आनंद को लेकर भी अपना रुख साफ रखा है। उन्होंने कहा कि अगर ईशान ने पार्टी विरोधी कोई गंभीर कृत्य किया तो उन्हें भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। मायावती ने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी दूसरे सदस्य को पार्टी में छोटी या बड़ी कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

इसके बजाय पार्टी में काम कर रहे किसी मिशनरी और वफादार कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाएगा।

कांशीराम और आंबेडकर का दिया उदाहरण

अपने फैसले को समझाते हुए मायावती ने BSP संस्थापक कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर का उदाहरण दिया। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के 23 फरवरी 1956 के एक पत्र का जिक्र किया। मायावती के मुताबिक, यह पत्र डॉ. आंबेडकर ने अपने बेटे यशवंत आंबेडकर को लिखा था। पत्र में सार्वजनिक संपत्ति और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों के मामले में उन्होंने अपने बेटे के साथ भी सख्त रुख अपनाया था।

मायावती ने इसी उदाहरण के जरिए कहा कि पार्टी और आंदोलन के हित में जरूरत पड़ने पर परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी फैसला लिया जा सकता है।

'बहुजन समाज ही मेरा असली परिवार'

मायावती ने अपने पोस्ट के अंत में कहा कि समस्त बहुजन समाज ही उनका असली परिवार है। उन्होंने कहा कि सत्ता की 'मास्टर चाबी' के जरिए बहुजन समाज को शोषित से शासक वर्ग बनाकर उनका हित और कल्याण सुनिश्चित करना उनका मिशन है। मायावती ने कहा कि इस लक्ष्य के लिए वह अपने भाई-बहनों और रिश्तेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती हैं।

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