स्पेशल स्टोरी

मेरठ थप्पड़ कांड से चर्चा में आए SSP अविनाश पांडेय हटाए गए; SP KK बिश्नोई, चारू निगम समेत 9 IPS का ट्रांसफर

यूपी के 9 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। योगी सरकार ने देर रात अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की। मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे हटा दिए गए हैं।

Gaurav Dwivedi
August 21, 2026
3 min read
मेरठ थप्पड़ कांड से चर्चा में आए SSP अविनाश पांडेय हटाए गए; SP KK बिश्नोई, चारू निगम समेत 9 IPS का ट्रांसफर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे का है। एसएसपी अविनाश पांडे पिछले दिनों खासी चर्चा में रहे थे। उन्होंने एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन में घुसकर एक प्रदर्शनकारी पर थप्पड़ बरसा दिया था। मामले की गूंज लखनऊ तक सुनाई दी थी। मामले में एसएसपी पर गंभीर आरोप लगे थे। अब योगी सरकार ने उन्हें मेरठ एसएसपी के पद से हटाते हुए डीजीपी मुख्यालय लखनऊ में एसपी पद पर संबंद्ध कर दिया है। साथ ही, संभल के चर्चित एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई को भी हटा दिया गया है। उन्हें बिजनौर का एसपी बनाया गया है। चारू निगम को सुल्तानपुर एसपी के पद से हटाते हुए यूपी-112 में एसपी बनाया गया है।
किनका कहां हुआ ट्रांसफर--

विनीत जायसवाल: 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी विनीत जायसवाल अभी गोंडा एसपी के पद पर काम कर रहे थे। सरकार ने उनका तबादला सुल्तानपुर एसपी के पद पर कर दिया है।

चारू निगम: 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी चारू निगम अभी सुल्तानपुर एसपी के पद पर काम कर रही थीं। उन्हें यूपी-112 लखनऊ में पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।

अविनाश पांडे: 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडे मेरठ एसएसपी के पद पर कार्यरत थे। उन्हें ट्रांसफर कर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक पद पर संबद्ध किया गया है।

बीबीजीटीसी मूर्ति: झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति का तबादला कर दिया गया है। 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी को मेरठ का एसएसपी बनाया गया है।

अभिषेक: 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक को बिजनौर पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया गया है। उन्हें गोंडा एसपी के पद पर तैनात किया गया है।

विकास कुमार: 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी विकास कुमार को बलरामपुर एसपी पद से हटा दिया गया है। सरकार ने उन्हें झांसी के एसएसपी के पद पर तैनात किया है।

कृष्ण कुमार बिश्नोई: 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई को संभाल पुलिस अधीक्षक पद से हटाया गया है। संभल शाही मस्जिद हिंसा के दौरान उनके कार्यों की खूब सराहना हुई थी। अब उन्हें बिजनौर का एसएसपी बनाया गया है।

विकास चंद्र त्रिपाठी: आईपीएस विकास चंद्र त्रिपाठी अभी अपर पुलिस अधीक्षक बाराबंकी के पद पर तैनात थे। उन्हें संभाल एसपी बनाकर भेजा गया है।

मार्तंड प्रकाश सिंह: आईपीएस अधिकारी मार्तंड प्रकाश सिंह को बलरामपुर का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। अभी वह हरदोई में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर काम कर रहे थे।

8 जुलाई की है घटना

मेरठ में 8 जुलाई को बीए छात्रा हत्याकांड मामले में कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों और बंदी वाहन में वकील रवि गौतम पर थप्पड़ चलाए थे। मामले का वीडियो सामने आने के बाद इस पर जमकर बवाल मचा था। तमाम विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर एसएसपी पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद से ही उन पर एक्शन की आशंका जताई जा रही थी।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

घाटों से लेकर विश्वनाथ धाम तक… 2014 से 2026 तक काशी में पर्यटन का कितना विस्तार?

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर वाराणसी पर्यटन को लेकर जारी आंकड़ों में बड़ा खुलासा हुआ है. वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक 52.71 करोड़ से अधिक भारतीय और विदेशी पर्यटक काशी पहुंचे हैं.

राम मंदिर: 72 घंटे तक चढ़ावा चोरी की घटना को चंपत राय ने दबाए रखा, फिर भी जांच में कैसे मिली क्लीनचिट?

अयोध्या पुलिस की विवेचना रिपोर्ट के मुताबिक, चंपत राय को 4 जून को चढ़ावा चोरी का वीडियो मिल गया था. 8 जून को ट्रस्ट ने इसे अफवाह बताया. चार्जशीट में 8 आरोपी और चंपत राय गवाह हैं.

यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर तय होंगे राज्यसभा के चेहरे, स्मृति ईरानी समेत दो ब्राह्मणों के नाम की भी चर्चा

यूपी की 10 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। माना जा रहा है कि यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर चेहरे तय किए जा सकते हैं। इस बार जातीय संतुलन साधने के लिए नये चेहरों को जगह मिल सकती है।

'आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार', यूपी के कई शहरों में सपा के खिलाफ शुरू हुआ पोस्टर वार

प्रशासन ने बताया कि भवनों के मुआवजे का भुगतान भी हो चुका था. इसके बाद कुछ प्रभावित लोग इस मामले को लेकर हाईकोर्ट गए थे. बताया जा रहा है कि प्रशासन ने हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश के बाद कार्रवाई की है.