स्पेशल स्टोरी

इंदिरा गांधी हत्याकांड के दोषी का बेटा पंजाब में लड़ेगा चुनाव, कौन हैं सतवंत सिंह जिन्हें अमृतपाल सिंह ने बनाया उम्मीदवार

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अमृतपाल सिंह की पार्टी वारिस पंजाब दे ने इंदिरा गांधी हत्याकांड के दोषी रहे केहर सिंह के बेटे सतवंत सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है. वो बस्सी पठाना सीट से चुनाव लड़ेंगे.

Gaurav Dwivedi
August 11, 2026
3 min read
इंदिरा गांधी हत्याकांड के दोषी का बेटा पंजाब में लड़ेगा चुनाव, कौन हैं सतवंत सिंह जिन्हें अमृतपाल सिंह ने बनाया उम्मीदवार

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हुए हैं, रणनीति के साथ ही उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया जा रहा है. इस बीच अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) दे ने अपने पहले उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने सतवंत सिंह को टिकट दिया है. सतवंत सिंह केहर सिंह के बेटे हैं. वहीं केहर सिंह जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश में दोषी ठहराए गए थे और उन्हें फांसी दी गई थी.जानकारी के मुताबिक 61 साल के सतवंत सिंह फतेहगढ़ साहिब जिले की बस्सी पठाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. यह घोषणा अमृतसर में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकारी अध्यक्ष और अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह और फरीदकोट के सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने की. सतवंत सिंह पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं. वो बस्सी पठाना के मुस्तफाबाद गांव के रहने वाले हैं और बैंक से सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

इंदिरा गांधी हत्याकांड

सतवंत सिंह के पिता केहर सिंह को इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश में दोषी ठहराया गया था. 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो अंगरक्षकों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. यह हत्या ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद बदले के तौर पर की गई थी. केहर सिंह को इस हत्या की साजिश का मुख्यमास्टर माइंड माना गया और उसे 6 जनवरी, 1989 को तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई.

2024 में भी खालसा के लिए किया प्रचार

सतवंत सिंह के परिवार का राजनीतिक रूप से भी जुड़ाव रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फरीदकोट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाले सरबजीत सिंह खालसा के लिए प्रचार किया था. सरबजीत सिंह खालसा इंदिरा गांधी की हत्या में शामिल बेअंत सिंह के बेटे हैं.

वारिस पंजाब दे का चुनावी एजेंडा

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने कहा कि पार्टी का एजेंडा केवल राजनीतिक सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंथिक सिद्धांतों, पंजाब के अधिकारों और समुदाय के लिए बलिदान देने वाले परिवारों के योगदान और गरिमा को मान्यता देने पर केंद्रित है. हाल ही में हुई राजनीतिक आलोचनाओं के जवाब में, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पार्टी अतीत में किए गए बलिदानों से जुड़े परिवारों से दूरी बना रही है, उन्होंने कहा कि सतवंत के बेटे को नामांकित करना इसके विपरीत प्रत्यक्ष प्रमाण है.

उन्होंने कहा कि पार्टी समुदाय के लिए बलिदान देने वाले परिवारों के सम्मान को प्राथमिकता देगी. उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों का सम्मान केवल बयानों तक सीमित नहीं है। पार्टी ने सतवंत सिंह के भतीजे सुखविंदर सिंह अगवान को भी अपने संसदीय बोर्ड में शामिल किया है.पार्टी ने साफ किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उसका अभियान पंजाब के क्षेत्रीय अधिकारों, सिख राजनीतिक बंदियों और प्रमुख पंथक परिवारों को प्रतिनिधित्व देने जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगा.

डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं अमृतपाल

अमृतपाल सिंह ने जेल में रहते हुए 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों से हराया था. इसके साथ ही वो देश के पहले ऐसे सांसद बने, जो जेल में बंद रहते हुए चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे. फिलहाल अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं. उन्हें साल 2023 में अजनाला थाने पर किए गए हिंसक हमले और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

घाटों से लेकर विश्वनाथ धाम तक… 2014 से 2026 तक काशी में पर्यटन का कितना विस्तार?

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर वाराणसी पर्यटन को लेकर जारी आंकड़ों में बड़ा खुलासा हुआ है. वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक 52.71 करोड़ से अधिक भारतीय और विदेशी पर्यटक काशी पहुंचे हैं.

राम मंदिर: 72 घंटे तक चढ़ावा चोरी की घटना को चंपत राय ने दबाए रखा, फिर भी जांच में कैसे मिली क्लीनचिट?

अयोध्या पुलिस की विवेचना रिपोर्ट के मुताबिक, चंपत राय को 4 जून को चढ़ावा चोरी का वीडियो मिल गया था. 8 जून को ट्रस्ट ने इसे अफवाह बताया. चार्जशीट में 8 आरोपी और चंपत राय गवाह हैं.

यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर तय होंगे राज्यसभा के चेहरे, स्मृति ईरानी समेत दो ब्राह्मणों के नाम की भी चर्चा

यूपी की 10 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। माना जा रहा है कि यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर चेहरे तय किए जा सकते हैं। इस बार जातीय संतुलन साधने के लिए नये चेहरों को जगह मिल सकती है।

'आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार', यूपी के कई शहरों में सपा के खिलाफ शुरू हुआ पोस्टर वार

प्रशासन ने बताया कि भवनों के मुआवजे का भुगतान भी हो चुका था. इसके बाद कुछ प्रभावित लोग इस मामले को लेकर हाईकोर्ट गए थे. बताया जा रहा है कि प्रशासन ने हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश के बाद कार्रवाई की है.